मर्दापाल मार्ग चौड़ीकरण के लिए दुकानों को तोड़ा गया

इम्पेक्ट न्यूज. कोण्डागांव.

नगर को सुंदर बनाने के लिए चौक चौराहो चौड़ीकरण में सरकारी जमीन पर दुकान बनाने कार्य कर रहे  लोगों के दुकान पर कार्यवही करते हुए बेदखल किया । जगदलपुर नाका से मर्दापाल मार्ग की ओर जारी हैं। और इसी चौड़ीकरण व चौराहे को संवारने की भेट तकरीबन एक दर्जन से अधिक लोगों की रोजी-रोटी का जरिया चढ़ गया।

कहते है कि विनाश के बाद ही विकास होता है तो ऐसा ही कुछ इस मार्ग पर भी देखने को मिलने लगा हैं। बुधवार की सुबह जगलदपुर नाके से होकर मर्दापाल की ओर जाने वाले मार्ग पर बेजा कब्जाधारियों पर जिला प्रशासन का तोडू दस्ता आफद बनकर टूट पड़ा।

हालांकि जिला प्रशासन ने पहले ही इन बेजा कब्जाधारियों को नोटिस आदि जारी तो कर दिया था, लेकिन नोटिस की मियाद पूरी होने के एक दिन पहले ही प्रशासन का तोडूदस्ता मौके पर पहुंच कब्जाधारियां से उनके व्यवसायकि प्रतिष्ठानों से समानों को हटवाने की बात कहते बूलडोजर चलवाने लगे। हालांकि कब्जाधारियों ने इसका विरोध तो नहीं किया, लेकिन उन्हें इस बात का दुख जरूर रहा कि, प्रशासन ने उन्हें जो मोहलत दी थी उसके बाद ये कार्यवाही की जानी चाहिए थी यदि वे अपने समानों को नहीं हटवाते तो।

तोडूदस्ते के साथ एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ नगरपालिका के साथ ही सुरक्षा के लिहाज से मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मौजूद रहे।

लेकिन दी गई मोहलत से पहले ही आकर उन्हें जो जल्दबाजी करनी पड़ी इससे उन्हें काफी कुछ नुकसान भी हो गया। तोडूदस्ते के साथ एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ नगरपालिका के साथ ही सुरक्षा के लिहाज से मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मौजूद रहे।

कब्जाधारियों ने दबी जुबान से रखी मांग-

अवैध बेजा कब्जाधारियों को तो यह पहले ही पता था कि, उन्हें आज नही तो कल यहॉ से हटवाया जाएगा। लेकिन उन्हें शासन-प्रशासन पर भी उतना ही भरोसा है कि जहॉ वो वर्षो से कब्जाकर अपनी रोजी-रोटी चला रहे थे। अब वही जरिया छिन जाएगा तो वे आखिर कैसे अपने परिवारों का लालन-पालन करेगें।

उन्होंने चौड़ीकरण के लिए उनकी कब्जेवाली जमीन से हटाने का विरोध तो नहीं किया, लेकिन उन्हें अब भी उम्मीद है कि जिस तरह से उन्हें यहॉ से हटवाया जा रहा है। उसी तरह उन्हें कही शिफ्ट किया जाएगा ताकि वे अपनी जीवनयापन पहले ही तरह ही करते रहे। अब देखना होगा कि हटवाए गए इन लोगों के लिए प्रशासन क्या व्यवस्था करती हैं।

सरकारी जमीन को बेचने के भी कई मामले है-

नगर में सरकारी जमीन पर कब्जाकर उसे बेचने वालों की भी कोई कमी तो नहीं हैं। हालांकि ऐसे मामलो पर पहले ही प्रशासन के तोडूदस्ते ने कार्यवाही करते हुए ऐसे लोगों को जेल तक की हवा खिलवा चुकी हैं। बावजूद इसके यह खेल अब भी जारी हैं अब देखना होगा कि ऐसे मामलों पर प्रशासन का तोडूदस्ता व प्रशासन किस तरह से जांच कार्यवाही करते हुए सरकारी जमीनों को अपने हाथों में वापस लेती हैं। 

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