11 बच्चों ने जेईई मेंस क्लियर कर बनाया रिकार्ड, अब देंगे जेईई एडवांस की परीक्षा

इम्पेक्ट न्यूज@दंतेवाड़ा.

सूदूर इलाके के बच्चों ने हासिल की सफलतादंतेवाड़ा। जिले के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों ने देश की प्रतिष्ठापूर्ण इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस में सफलता के झंडे लहराते दंतेवाड़ा का नाम रोशन किया है।

इन बच्चों में अधिकांश बच्चे सूदूर नक्सली प्रभावित इलाके के हैं, जिन्होंने जेईई मेंस की प्रतिष्ठित परीक्षा को क्वालीफाई किया है। कुल 49 बच्चों ने जेईई मेन्स परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिसमें 11 बच्चों ने सफलता अर्जित किया है।

अब सभी बच्चे जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। जिले में बच्चों को जेईई, नीट, पीईटी, पीएटी जैसी प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा की निशुल्क तैयारी के लिए छूलो आसमान संस्था संचालित है। इस संस्था में जिले के 8वीं उत्तीर्ण बच्चों का प्रवेश परीक्षा लेकर होनहार बच्चों का चयन किया जाता है। चयनित बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी प्रशिक्षित और अनुभवी शिक्षकों द्वारा कराई जा रही है।

खास बात यह है कि एक निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद टेस्ट परीक्षा लेकर बच्चों के ज्ञान के स्तर का आंकलन किया जाता है। परीक्षा के ठीक पहले क्रैश कोर्स कराया जाता है, ताकि बच्चे प्रतियोगी परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयारी कर सकें। बहरहाल जिले के 49 बच्चों में से 11 बच्चों ने जेईई मेन्स क्लियर कर रिकॉर्ड स्थापित कर लिया है। इन 11 बच्चों में से 3 छात्राएं शामिल हैं और इन 11 बच्चों में 10 बच्चे अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं।

जेईई मेन्स क्लियर करने वाले ये सभी बच्चे अब जेईई एडवांस की परीक्षा देंगे। जेईई एडवांस में आए प्राप्तांक के आधार पर आईआईटी में प्रवेश का अवसर मिलेगा। फिलहाल उक्त बच्चे जेईई मेन्स क्लियर कर एनआइटी और ट्रिपलआईटी में प्रवेश लेने के लिए पात्र हो गए हैं, जो ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। जेईई मेंस की परीक्षा में सफलता से आज छू लो आसमान संस्था के छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। वहीं संस्था में भी खुशी का वातावरण परिलक्षित हुआ।

धुर नक्सल प्रभावित इलाके के बच्चों ने मारी बाजीजेईई मेन्स परीक्षा में सफल अधिकांश बच्चे धुर नक्सली प्रभावित कुआकोंडा और बारसूर इलाके के हैं। इसमें कुआकोंडा ब्लॉक से गोंगपाल के बामनराम, मैलावाड़ा के खगेश्वर सहित बारसूर के राजकुमार नेताम, हरीश बघेल एवं संतुराम कुंजाम तथा गंजेनार की तारिका गावड़े शामिल हैं।

इसमें संतुराम कुंजाम इंद्रावती नदी पार के चेरपाल का रहने वाला है। वहीं कारली के योगेश्वर अरूसा एवं निधि धु्रव ने भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल किया है। छू लो आसमान संस्था में तैयारी कर जेईई मेन्स क्लियर करने वाले दो बच्चे बस्तर जिले के धनपूंजी के किरण बघेल और धुरागांव लोहंडीगुड़ा निवासी करण साहू के साथ ही कांकेर जिले के नरहरपुर निवासी खिलेश सोरी सम्मिलित हैं।

खेती-किसानी कर पढ़ा रहे हैं माता-पिताधुर नक्सली प्रभावित इलाके चेरपाल के संतुराम कुंजाम के माता-पिता गांव में खेती-किसानी करते हैं। संतुराम कुंजाम के दो छोटे भाई बारसूर में पढ़ाई कर रहे हैं तो बहन चंचल कुंजाम जावंगा के आस्था विद्या मंदिर में अध्ययनरत है। कुआकोंडा के गोंगपाल के बामनराम के पिता भी कृषक हैं।

वहीं गंजेनार की तारिका गावड़े और बारसूर के राजकुमार नेताम के परिजन भी खेती-किसानी कर अपने बच्चों को पढ़ाई करवा रहे हैं। चेरपाल निवासी संतुराम कुंजाम ने बताया कि उसके माता-पिता और चाचा पढ़ाई के लिए हमेशा उत्साहवर्धन करते हैं। घर जाने पर पढ़ाई करने जल्दी से संस्था में भेज देते हैं।

यही नहीं बल्कि दोनों छोटे भाई और बहन की पढ़ाई के लिए भी उसके परिजन सदैव ध्यान रखते हैं। सफलता पर कलेक्टर ने शुभकामनाएंसंतुराम कुंजाम ने जेईई मेन्स क्लियर करने के बाद अब पूरी लगन और मेहनत के साथ जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी करने की बात कही।

देश की उच्च इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला लेने आयोजित जेईई मेंस परीक्षा में जिले के 11 बच्चों की सफलता पर कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने इन बच्चों को शुभकामनाएं देते कहा कि इससे बच्चों को आगे बढऩे प्रोत्साहन मिलेगा और ये सभी बच्चे जेईई एडवांस की परीक्षा में बेहतर तैयारी के साथ सम्मिलित होंगे। इस दिशा में छूलो आसमान संस्था के द्वारा उक्त बच्चों की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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